पावागढ यात्रा। पावागढ पर्यटन जानकारी। Pavagadh Yatra। Pavagadh Paryatan Jankari। Travel Teacher


नमस्कार दोस्तो,
वैसे तो पुरे भारतवर्ष मे मां काली के कई बडे मंदिर हैं,लेकिन 51 शक्तिपिठ मे शामिल और कलयुग मे भी जागृत,मां काली के मुख्य मंदिरो मे प्रमुख,जहा मां काली सदैव अपने भक्तो पर कृपा बरसाने के लिए बैठी हैं, वो गुजरात का पावागढ महाकाली मंदिर आध्यात्मिकता के साथ साथ अपने भीतर भरपुर पर्यटन और मनोरंजन भी छुपाये बैठा हैं। गुजरात मे वडोदरा से लगभग 60 km और स्टेच्यु ओफ युनिटी से 101 km की दुरी पर पंचमहाल जिले मे पावागढ़ महाकाली मंदिर पौराणिक, एैतिहासिक, धार्मिक और पर्यटन की दृष्टि से सर्वाधिक महत्वपूर्ण स्थलों में से एक है। ये मंदिर की खास बात यह है कि यहां दक्षिणमुखी काली मां की मूर्ति है। पावागढ़ के पर्वत लाल–पीले रंग के चट्टानों से बने है। पावागढ़ मंदिर ऊँची पहाड़ी की चोटी पर स्थित है और काफी ऊँचाई पर बने इस मंदिर की चढ़ाई बेहद कठिन है। दोस्तो, यह मंदिर गुजरात की प्राचीन राजधानी चापानेर के पास पावागढ पहाडी पर स्थित है। ज्यादातर लोग पैदल ही चढना पसंद करते है, वैसे तो पावागढ की चढाइ चापानेर से शुरु होती है लेकीन ज्यादातर लोग माची हवेली तक परिवहन के जरीए ही पहुचते है। पावागढ मे माची हवेली तक की उंचाइ समुद्र सतह से 1471 फिट है। फिर माची से 250 सिढीया चढ कर काली मॉ के मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार तक पहूचते है। कितने लोग माची से रोप-वे के जरीये मंदिर के मुख्य द्वार तक पहुचते है। आपको भक्तिमय और पवित्र वातावरण के साथ साथ कुदरति सौंदर्य,वास्तु शिल्पकला,और हिल स्टेशन का मजा एक ही जगह मील जायेगा। ये शक्ति के 51 शक्तिपिठो मे से एक है और यहा हर साल लाखो श्रध्धालु, भक्त, पर्यटक यहा आते है।

पावागढ धार्मिक महत्व। Pavagadh Dharmik mahatva। Religious importance of Pavagadh
महाकाली मंदिर पावागढ। Mahakali Mandir Pavagadh
एसा माना जाता है की रुषि विश्वामित्रि ने मॉ काली की मुर्ति का स्थापन किया था  और यहा से निकल ने वाली एक नदी का नाम भी विश्वामित्रि है। पावागढ़ रुषी विश्वामित्र की पुण्य भूमि है और ऐसा माना जाता है कि विश्वामित्र को माँ काली ने उनके तप से प्रसन्न होकर साक्षात् दर्शन दिए थे। दुर्गम चोटी पर स्थित मंदिर में माँ काली का रेखाचित्र भी विश्वामित्रजी का बनाया हैं एसा माना जाता है। त्रेता युग में भगवान राम यहा आये थे क्यूँकि  गुजरात के ही एक और शक्तिस्थल आरासुर अंबाजी में माता अंबाजी ने उन्हें वह अमोघ बाण दिया था जिससे उन्होंने रावण का संहार किया था। यहा देवि सति (राजा दक्ष के यग्य का विद्धंश के बाद) का दाहीने पाव का अंगुठा गिरा था। लव कुश, कइ रुषिओ,और कइ बौद्ध भिक्षुओ ने यहा मोक्ष प्राप्त करा है।
लकुलीश मंदिर पावागढ। Lakulish Mandir Pavagadh
पावागढ़ के किले के अंदर कई धार्मिक संरचनाएं बनी हुई हैं। इसके अलावा यहाँ कुछ खंडर मौजूद हैं जोकि पर्यटकों द्वारा देखे जाते हैं। यहां के मौलिया पठार पर बहुत प्रसिद्ध एक खूबसूरत आकर्षण वाला लकुलीश मंदिर है। मंदिर में स्थापित देवताओं में दक्षिणामूर्ति भगवान शिव, भगवान गणेश की आकर्षित मूर्तियां स्थापित हैं। लकुलीश मंदिर के इतिहास से पता चलता हैं कि यह मंदिर 10 वीं शताब्दी का है। मंदिर का निर्माण लकुलीश द्वारा किया गया था जोकि पशुपति शैव धर्म सम्बंधित संस्थापक थे।
जैन मंदिर पावागढ। Jain Mandir Pavagadh
पावागढ के दर्शनीय जैन मंदिर का इतिहास 14वीं और 15वीं शताब्दी पुराना हैं, इस समय के दौरान इन मंदिरों को पुनिर्मित किया गया था। चारसो-पांचसो साल पुराने यह मंदिरो के बारे मे जैन संप्रदाय का कहना है कि, मुघल शासकों के आने और चंपानेर को अपनी राजधानी बनाने से पहले यह पहाड़ी एक बार जैन मंदिरों से भरी हुई थी और बाद में मुघल लुटेरो ने मंदिरो को मस्जिदों में परावर्तीत कर दीया। पावागढ़ में जैन मंदिर भारत के गुजरात में जैन धर्म की सक्रीयता दर्शाते हुए नजर आते हैं। तीर्थयात्रीयों और पर्यटको मे यह जैन मंदिर भी विशेष आकर्षण जमाये हुए हैं। अगर आप चंपानेर पावागढ़ की यात्रा पर आए हुए हैं तो इन आकर्षित जैन मंदिरों का भ्रमण अवश्य करें।

पावागढ मे क्या कर सकते हैं। Pavagadh me kya kar sakte he। What to do in Pavagadh
जब आप पावागढ हो तब पर्वतारोहण का मजा ले सकते हैं, कुदरती नजारे का मजा ले सकते हैं, फोटोग्राफी कर सकते हैं, अपने परिवार, दोस्तो, साथी के साथ समय बिता कर पावागढ की यात्रा को और भी यादगार बना सकते हैं। पावागढ की कुछ खास जगहो पर आप क्या कर सकते हैं वो डीटेइल मे जानते हैं -
माची हवेली पावागढ। Machi Haveli Pavagadh
माची में विश्राम गृह,अवकाश गृह,छोटे होटल,खाने-पीने की जगहें,चाय-नास्ते की जगहें वगैरा इस फेमस जगह पर सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इस माची हवेली में पहुँचने के लिए परिवहन सुविधाएँ उपलब्ध हैं,जहा बस सेवा और टेक्षी सेवा की सुविधा यात्री, पर्यटक, श्रद्धालु,भक्तो के लिए शुल्क से मुहैया करायी गई हैं। यहा माची मे आप कुछ देर विश्राम कर सकते हैं या फिर रुक सकते हैं। और अपने परिवार,साथी,बच्चे या दोस्तो के साथ यहा समय बिता कर पावागढ की यात्रा को ज्यादा यादगार बना सकते हैं। जो श्रद्धालु, भक्त,पर्यटक चापानेर तलहटी से पैदल बिना परिवहन यहा तक पहुचता हैं उसके लिए मांची एक बडा और मुख्य पडाव होता हैं। यहा दिन-रात किसी भी समय भीड-भाड लगी रहती हैं।

रोपवे पावागढ। केबल कार पावागढ। Rope way Pavagadh। Cable car Pavagadh
महाकाली मंदिर तक पहुंचने के लिए यह रोपवे एक सुरक्षित यातायाता की व्यवस्था कराता है। पावागढ मे पर्यटन,मनोरंजन और महाकाली मंदिर तक पहुचने के लिए आप यहां रोपवे की रोमांचक सैर का आनंद ले सकते हैं। केबल कार मे बैठ कर आप पावागढ पहडी के कुदरत के अदम्य और मंत्रमुग्ध कर देने वाले नजारे का आनंद ले सकते हैं,पावागढ की गहरी बडी बडी खाई,जंगल और जमीनी हरीयाली देखकर आप यात्रा का ज्यादा मजा ले सकते है। पर्यटक,भक्त,श्रद्धालु यह हिल स्टेशन मे रोपवे ले सकता हैं जो निर्धारित शुल्क पर उन्हें मंदिर तक पहुंचाा देता हैं,अगर आप पावागढ़ जाऐ तो इस रोपवे का आनंद जरूर लें।

दूधिया तालाब पावागढ। Dudhiya Talab Pavagadh
दूधिया तलाव या तेलीया तलाव ('तलाव' गुजराती शब्द हैं जिसका मतलब "तालाब" होता हैं।) मे हर श्रद्धालु, भक्त स्नान करके ही महाकाली मां के दर्शन के लिए जाता हैं,यह परंपरा पहले से ही चली आ रही हैं। कोई बडी पहाडी पर कम जगह मे तालाब होना अचंभीत कर देने वाली बात हैं। अगर वैज्ञानिक दृष्टि से भी देंखें तो शायद कभी यहाँ कोई उल्का पिंड गिरा होगा जिससे इस कटोरेनुमा तालाब का निर्माण हो गया हो। इसमें आने वाला जल और उसका स्रोत वह भी जमीन से ५५० मीटर की ऊंचाई पर आज भी लोगो को आश्चर्यचकित करता हैं। पास में ही लव कुश का मंदिर है तो, जैन धर्म के भी यहा मंदिर मौजुद हैं। यहा दुधिया तालाब मे आप पवित्र स्नान कर सकते हैं,पास मे जैन मंदिर मे दर्शन कर सकते हैं,लव-कुश मंदिर मे दर्शन कर सकते हैं, पास मे एक छोटा सा बाजार हैं जहा आप परिवार,बच्चे,साथी या दोस्तो के साथ खाना-पीना या चाय-नास्ते का आनंद ले सकते है,यह बाजार से आप कुछ खरीदारी भी कर सकते है,घुम सकते हैं।

महाकाली मंदिर पावागढ। Mahakali Mandir Pavagadh
पाावगढ़ पर्वत अपने एैतिहासक स्थल,कुदरती सौंदर्य,धार्मिक मान्यताए के लिए काफी मशहूर है।
पावागढ़ पर्यटन की शुरूआत आप यहां के सबसे बड़े आकर्षण महाकाली मंदिर मे दर्शन के साथ कर सकते है।  अकेले इस मंदिर के दर्शन के लिए रोजाना भक्तों का अच्छा खास जमावड़ा लगता है। यह मंदिर समुद्र सतह से लगभग 550 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। मंदिर तक पहुंचने के लिए पहाड़ी रास्तों को काटकर सीढ़ियां भी बनाई गई हैं ताकि श्रद्धालु और पर्यटक आसानी से मां काली के दर्शन कर सकें। इस मंदिर से आप आसपास के प्राकृतिक नजारों का आनंद भी ले सकते हैं। शाम के समय अगर आप इस मंदिर में हो तो नीचे हजारों बिजली के दीये वाला अदभूत नजारा आपको देखने को मिलता हैं। एक बड़े साँप जैसी आकार वाली बिजली की रेखा बताती है की आप कहाँ से कहाँ तक किन रास्तों से होकर पावागढ पहुचें हैं! यह अदभूत नजारा जिसने देखा हैं वो ही उसके रोमांच को समझ सकता हैं।

चंपानेर पावागढ। Champaner Pavagadh
चंपानेर के इतिहास से पता चलता हैं कि 8 वीं शताब्दी में चावड़ा राजवंश के एक प्रमुख शासक राजा वनराज चावड़ा ने स्थापित किया हैं। चंपानेर आकर्षित और एैतिहासिक किला पावागढ़ पहाड़ी के खूबसूरत नज़ारे को प्रस्तुत करता हैं। चंपानेर पावागढ़ में हिन्दू और जैन धर्म से सम्बंधित कई मंदिर मौजुद हैं जो एक शानदार वास्तुकला के अनूठे उदहारण हैं। चंपानेर पावागढ़ में जैन मंदिर भारत के गुजरात में जैन आबादी को बयां करते हुए नजर हैं आते हैं। यहाँ के दर्शनीय जैन मंदिर का इतिहास 14वीं और 15वीं शताब्दी की ओर लेकर जाता हैं। अगर आप चंपानेर पावागढ़ की यात्रा पर आए हुए हैं तो इन आकर्षित जैन मंदिरों का भ्रमण अवश्य करे। चंपानेर पावागढ़ में विभिन्न प्रकार के भवन हैं और इनमें मस्जिद, मंदिर, अनाज के भंडार, कब्र, कुएं और दीवारें हैं। इस पुरातत्व पार्क मे गौरवशाली किले, मंदिरों, पर्वत और झीलों को देखने की एक खुबसुरत जगह हैं। गुजरात के इस शहर को एक बार जरूर करीब से देखें, यहाँ एक एैतिहासीक शहर के निर्माण और खो जाने की कहानी है। यहाँ पर आप बहुत कुछ सीख सकते,देख सकते हैं और भरपुर मनोरंजन भी पा सकते हैं।

पावागढ के मुख्य आकर्षण। Pavagadh ke mukhya aakarshan। Main attraction of Pavagadh

1. श्री महाकाली मंदिर। Shri Mahakali Mandir
2. दुधिया तालाब। Dudhiya Talab
3. मंदिर की सिढीया। Steps of Tample
4. माची हवेली। Machi Haveli
5. नागरी शैली के किले। Nagari style fort.
6. रोप वे। केबल कार। Rope way। Cable car
7.मकई कोठार। Makai Kothar
8.मोलीया पठार। Moliya Pathar
9.लवकुश मंदिर। Luvkush Mandir
10.जैन मंदिर। Jain Mandir
11.नवलखा कोठार। Navlakha Kothar
12. चंपानेर आर्कीयोलोजी पार्क। Champaner Archeology Park
13.भद्रकाली मंदिर। Bhadrakali Mandir
14.पतई राजा का महल। Patai Raja Palace
15.किले के दरवाजे और दिवारे। Gate and wall of Fort
(आतक द्वार, बुधिया द्वार, मोती द्वार, सदानशाह द्वार, गुलन बुलन द्वार, मकई द्वार, तारापुर द्वार, सात मंजील, बुलंद दरवाजा, किले की मुख्य दिवार)
16.पावागढ पर्वतारोहण। Pavagadh climbing
17.नवरात्री त्यौहार। Navratri festival

पावागढ़ महाकाली मंदिर दर्शन समय। Pavagadh Mahakali Temple Darshan Timings
आप पावागढ़ मंदिर में सुबह के 5:00 बजे से शाम 7:00 बजे के बीच कभी भी जा सकते हैं। मंदिर पूरे साल खुला रहता है। कोई प्रवेश प्रतिबंध नहीं है और बिलकुल निशुल्क है।
You can visit Pavagadh Temple anytime during the day from 5:00 AM to 7:00 PM.
The temple is open throughout the year. There isn’t any entry restrictions. It is free of cost.

पावागढ महाकाली मंदिर आरती समय। Aarti Timings of Pavagadh Mahakali Temple

हर रोज महाकाली मंदिर मे दो बार आरती होती हैं।
सुबह मे 5:00 AM
शाम को 6:30 PM
Two Aartis are performed at Mahakali Temple everyday.
Morning Aarti Timings – 5:00 AM
Evening Aarti Timings – 6:30 PM

पावागढ यात्रा का अच्छा समय। Best time for Pavagadh travel

वैसे तो बारह महिने भीड भाड लगी रहती है लेकिन,अक्तुबर से डिसम्बर(October to December) और फरवरी से जुलाइ(February to July) का समय बेहतरिन है। दिन मे रात मे आप कभी भी माची से मंदिर तक जासकते है। अश्विन मास के शारदीय नौरात्र मे यहा का विशेष महत्व हैं,उस समय मे भी बडी संख्या मे यहा श्रद्धालु मौजुद रहते,आप चैत्र मास के नौरात्र मे भी जा सकते हो।

पावागढ कैसे पहुचें। How to reach Pavagadh

हवाई मार्ग से : पावागढ के पास मे वडोदरा इंटरनेशल एयरपोर्ट सबसे नजदीकी एयरपोर्ट हैं, फिर वहा से आप बस, केब, ओटो टेक्षी वगेरा परिवहन का उपयोग पावागढ पहुचने के लिए कर सकते हैं।
रेल मार्ग से : पावागढ के पास मे वडोदरा रेलवे स्टेशन 55km और गोधरा रेलवे स्टेशन 54km हैं फिर वहा से  आप बस, केब, ओटो टेक्षी वगेरा परिवहन का उपयोग कर के आप आसानी से पावागढ पहुच सकते हैं।
सडक मार्ग से : पावागढ गुजरात के सभी बडे शहरो से सडक मार्ग से जुडा हुआ हैं। वडोदरा 55km, गोधरा 54km, अहमदाबाद 152km, सुरत 207km, दाहोद 125km, Rajpipla 120km

पावागढ के लिए रुट। Root for Pavagadh : 

1.वडोदरा - गोल्डन चोकडी - जरोद - बास्का - हालोल - चापानेर - पावागढ।
2.गोधरा - मैत्री सर्कल - पोपटपुरा - वेजलपुर - देलोल - कालोल - माधवास - मुवाळा - हालोल -चापानेर - पावागढ।
3. राजपीपला - उचाड - नसवाडी - कोसीन्द्रा - बोडेली - जाम्बुघोडा - पावागढ।
                       ।। जय माताजी, जय कुबेर ।।

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